गुरुवार, 13 मार्च 2014

यूनिकोड फांट्स ने किया काम आसान

कंप्यूटर पर हिंदी में खास तौर पर हम फांट्स की समस्या से जुझते रहते हैं। कंप्यूटर पर हिंदी के तेजी से लोकप्रिय नहीं हो पाने का बहुत बड़ा कारण कोई सर्व मान्य फांट का नहीं होना है। पर यूनिकोड फांट ने हमारी राहें आसान कर दी हैं। विंडो के एक्सपी वर्जन के साथ किसी भी भाषा के यूनिकोड फांट अच्छी तरह सपोर्ट करते हैं। आप हिंदी के कई सौ फांट www.ildc.in से मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं। यह वेबसाइट भारत सरकार की है।
एटीएम और टीटीएफ
जब कंप्यूटर में विंडो 95 का चलन था तब हिंदी के लिए एटीएम (एडोब टाइप मैनेजर) फांट इस्तेमाल किए जाते थे। वहीं कई अखबारों के लिए सम्मिट स्क्रिप्ट मैनेजर ने फांट विकसित किए जो बिना उसके डुंगल के नहीं चलाए जा सकते थे। यह एक महंगी प्रक्रिया थी। न तो हिंदी के पास कोई सर्व मान्य की बोर्ड था न ही निःशुल्क प्राप्त होने वाले फांट्स। उसके बाद दौर या टीटीएफ यानी ट्रू टाइप फांट का। विंडो 98 इस्तेमाल करने वाले लोग टीटीएफ फांट का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये फांट भी आईएलडीसी की साइट पर निःशुल्क उपलब्ध हैं। टीटीएफ फांट्स को एप्पल कंपनी ने विकसित किया है। बाद में इसे माइक्रोसाफ्ट ने भी अपने साफ्टवेयरों में स्वीकृत किया है। ये फांट बड़े स्पष्ट होते हैं तथा एलसीडी स्क्रीन पर साफ दिखाई देते हैं। विंडो 98 में गूगल की हिंदी वेबसाइट हिंदी में देख सकते हैं इसके लिए आपको आईएलडीसी की वेबसाइट पर जाकर हिंदी का टीटीएफ फांट डाउनलोड करना पड़ेगा।
क्या है यूनिकोड
यूनिकोड प्रत्येक अक्षर के लिए एक विशेष नंबर प्रदान करता है,चाहे कोई भी प्लैटफॉर्म हो,चाहे कोई भी प्रोग्राम हो, चाहे कोई भी भाषा हो। कंप्यूटर, मूल रूप से, नंबरों से संबंध रखते हैं। ये प्रत्येक अक्षर और वर्ण के लिए एक नंबर निर्धारित करके अक्षर और वर्ण संग्रहित करते हैं। यूनिकोड का आविष्कार होने से पहले, ऐसे नंबर देने के लिए सैंकडों विभिन्न संकेत लिपि प्रणालियां थीं। किसी एक संकेत लिपि में पर्याप्त अक्षर नहीं हो सकते हैं : उदाहरण के लिए, यूरोपीय संघ को अकेले ही, अपनी सभी भाषाओं को कवर करने के लिए अनेक विभिन्न संकेत लिपियों की आवश्यकता होती है। अंग्रेजी जैसी भाषा के लिए भी, सभी अक्षरों, विरामचिन्हों और सामान्य प्रयोग के तकनीकी प्रतीकों हेतु एक ही संकेत लिपि पर्याप्त नहीं थी। ये संकेत लिपि प्रणालियां परस्पर विरोधी भी हैं। इसीलिए, दो संकेत लिपियां दो विभिन्न अक्षरों के लिए, एक ही नंबर प्रयोग कर सकती हैं, अथवा समान अक्षर के लिए विभिन्न नंबरों का प्रयोग कर सकती हैं।

अधिकांश साफ्टवेयरों में स्वीकृत
किसी भी कंप्यूटर (विशेष रूप से सर्वर) को विभिन्न संकेत लिपियां संभालनी पड़ती है। फिर भी जब दो विभिन्न संकेत लिपियों अथवा प्लैटफॉर्मों के बीच डाटा भेजा जाता है तो उस डाटा के हमेशा खराब होने का जोखिम रहता है। यूनिकोड स्टैंडर्ड को ऐपल, एचपी, आईबीएम, जस्ट सिस्टम, माईक्रोसॉफ्ट, औरेकल, सैप, सन, साईबेस, यूनिसिस जैसी उद्योग की प्रमुख कंपनियों ने अपनाया है।
आदान-प्रदान में आसानी
यूनिकोड में डाटा को बिना किसी बाधा के विभिन्न प्रणालियों से होकर ले जाया जा सकता है। इसकी आवश्यकता आधुनिक मानदंडों, जैसे एक्सएमएल, जावा, एकमा स्क्रिप्ट (जावा स्क्रिप्ट), एलडीएपी, कोर्बा 3.0, डब्ल्यूएमएल के लिए होती है और यह आईएसओ/आईईसी 10646 को लागू करने का अधिकारिक तरीका है। यह कई संचालन प्रणालियों, सभी आधुनिक ब्राउजरों में होता है। यूनिकोड को ग्राहक-सर्वर अथवा बहु-आयामी उपकरणों और वेबसाइटों में शामिल करने से, परंपरागत उपकरणों के प्रयोग की अपेक्षा खर्च में अत्यधिक बचत होती है। यूनिकोड से एक ऐसा अकेला सॉफ्टवेयर उत्पाद अथवा अकेला वेबसाइट मिल जाता है, जिसे री-इंजीनियरिंग के बिना विभिन्न प्लैटफॉर्मों, भाषाओं और देशों में उपयोग किया जा सकता है। यूनिकोड के बारे में अधिक जानकारी के लिए इसकी वेबसाइटदेंखे (www.unicode.org) यह बिना हानि लाभ के काम करने वाले एक कान्सोर्टियम द्वारा विकसित किया गया है।
फोनेटिक की बोर्ड सीखें
हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं के 500 से ज्यादा यूनिकोड फांट्स मुफ्त में प्राप्त करने के लिए आप www.ildc.in पर जाएं। अगर आप कंप्यूटर पर हिंदी में तेजी से काम करना चाहते हैं तो फोनेटिक की बोर्ड सीखें। यह रेमिंगटन से बहुत आसान है। कोई भी नया व्यक्ति महज दो दिन में इसे याद कर सकता है। हिंदी में विंडो एक्सपी का वर्डपैड हो या आफिस 2003 का हिंदी संस्करण, या आईएलडीसी द्वारा विकसित ओपन आफिस साफ्टवेयर सभी फोनेटिक की बोर्ड को सपोर्ट करते हैं। भारत सरकार ने इसे ही वैज्ञानिक और सरकारी की बोर्ड के रुप में मान्यता दे रखी है। आप यूनिकोड फांट की मदद से एमएस आफिस जैसे साफ्टवेयर में भी हिंदी में फोनेटिक की बोर्ड पर बड़े मजे से काम कर सकते हैं। पर अगर आप ओपन आफिस तो फ्री डाउनलोड पर उपलब्ध का इस्तेमाल करते हैं तो आपको कई और सुविधाएं मिल जाती हैं। आप यहां अपनी वेबसाइट हिंदी में भी बना सकते हैं। अपने तैयार किए गए टेक्स्ट को एचटीएमएल फार्मेट में भी सेव एज कर सकते हैं। कंप्यूटर पर हिंदी और फोनेटिक की बोर्ड का लेआउट चार्ट प्राप्त करने के लिए WWW.bhashaindia.com भी देखें।

-विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com
( ये आलेख 2007 में लिखा गया) 







सर्च करें हिंदी में

कंप्यूटर हिंदी का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है। अब आप अपनी भाषा में भी सर्च कर सकते हैं। गूगल डाट काम ने हिंदी में भी सर्च करने की सुविधा उपलब्ध करा दी है। वहां हिंदी के अलावा कुछ अन्य भारतीय भाषाएं भी हैं। सिर्फ हिंदी ही नहीं अब आप बांग्ला, मराटी , तमिल और तेलगू भाषाओं मे भी सर्च कर सकते हैं। यानी कि वे वेबसाइटें जो इन भाषाओं में आनलाइन सामग्री उपलब्ध करा रही हैं। उन वेबसाइटों पर उपलब्ध सामग्री में से कुछ भी आप ढूंढ सकते हैं। इंटरनेट पर सभी लोकप्रिय हिंदी समचार पत्रों की वेबसाइटें हैं जहां आप उनकी खबरें उनक आरकाईव में जाकर उनके पिछले पेज देख सकते हैं। इन अखबारों के राज्यवार संस्करणों को भी आप देख सकते हैं। इसके अलावा कुछ प्रमुख सरकारी और गैर सरकारी संगठन भी अब हिंदी में वेबसाइट बना रहे हैं। बीबीसी की हिंदी वेबसाइट बहुत अच्छी है। इस पर आप ताजी खबरें और सुरूचिपूर्ण फीचर सामग्री देख सकते हैं।

हिंदी में ही वेब का पता ठिकाना
पर गूगल जो आपको सुविधा देता है वह अपने आप मे अद्भूत है। आपको अपनी भाषा में किसी विषय पर उपलब्ध सामग्री अथवा तस्वीरों को अपनी ही भाषा में सर्च करने का। अब इंटरनेट पर सिर्फ अंग्रेजी भाषा की बपौती नहीं रह गई है। यह दुनिया की कई भाषाओं में उपलब्ध है। चीन में बड़ी संख्या में इंटरनेट के उपयोक्ता अपनी भाषा मैंडेरियन का इस्तेमाल करते हैं। दुनिया की कई भाषाओं में वेब पते भी रजिस्टर किए जा रहे हैं। यानी आपको इंटरनेट के एड्रेस बार में जाकर भी डब्लू डब्लू डब्लू अंग्रेजी में करने की कोई जरूरत नहीं है। आप अपने कंप्यूटर की डिफाल्ट भाषा में ही वेब एड्रेस टाइप कर सकते हैं। भारत में अभी हिंदी में ही वेब पता बनाने का चलन नहीं बढ़ा है। पर वह दिन अब दूर नहीं है जब सब कुछ हिंदी में ही होगा।
हिंदी में ही मेल करें और प्राप्त करें
अगर आपके पास विंडो एक्सपी संस्करण का पीसी है तो आप उसमें हिंदी भाषा को एक्टिवेट करवा लें। उसके बाद जब अपना गूगल की ईमेल सेवा जीमेल. काम खोलेंगे तो यह अपने आप आपसे हिंदी में ही वार्तालाप करेगा। आप इसकी संपूर्ण विंडो (खिड़की) हिंदी में ही देखेंगे। साथ ही इसमें आप फोनेटिक की बोर्ड पर हिंदी में पत्र लिख सकते हैं। अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को ईमेल कर रहे हैं जिसके पीसी पर हिंदी भाषा सक्रिय कर दी गई है तो वहां पर आपका मेल हिंदी में ही दिखाई देगा। इसके साथ ही सभी जीमेल के यूजर को भी यह हिंदी में ही दिखाई देगा। हां दूसरे किसी वेबसाइट पर ईमेल पता रखने वालों को हिंदी में पढ़ने में असुविधा होगी। यानी जीमेल के उपयोक्ता बड़ी आसानी से हिंदी में ही वार्तालाप कर सकते हैं।

हिंदी के लोग सक्रिय हों
कंप्यूटर पर हिंदी के लोकप्रिय नहीं होने का बड़ा कारण है कि हिंदी के लोगों ने इस तकनीक ज्यादा सहारा नहीं दिया है। देश के सभी हिंदी लेखकों हिंदी के शिक्षकों और हिंदी भाषा से एमए या शोध करने वाले लोगों को चाहिए कि वे हिंदी भाषा को इंटरनेट पर ज्यादा लोकप्रिय बनान में सहयोग करें। सभी नए कंप्यूटर सीखने वालो को भी चाहिए कि वे फोनेटिक की बोर्ड सीखें। यह वैज्ञानिक है तथा इसे महज कुछ घंटों में ही याद किया जा सकता है। 
-         विद्युत प्रकाश मौर्य 
( ये लेख 2005 में लिखा गया था )